डॉ. मनमोहन सिंह शुक्रवार को एक इतिहास को दोहराने जा रहे हैं। 14वीं लोकसभा के लिए 22 मई, 2004 को प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले मनमोहन सिंह आज फिर 22 मई को ही देश के प्रधानमंत्री के पद की दोबारा शपथ लेने जा रहे हैं। डॉ. सिंह कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रपति भवन में आज सायं साढे पांच बजे अपने सहयोगी 19 मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे। मनमोहन सिंह एवं सोनिया गांधी ने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों को सूचना भेज दी है।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के सहयोगी दलों में मंत्रियों की संख्या एवं विभागों को लेकर चल रही माथापच्ची के बीच आखिर प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह एवं संप्रग अघ्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के अलावा 19 मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को प्रधानमंत्री के साथ 19 मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराई जाएगी।जिन लोगों कोे मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है, उनमें प्रणव मुखर्जी, पी. चिदंबरम, एके. एंटनी, कपिल सिब्बल, कमलनाथ, शरद पवार, ममता बनर्जी, एसएम कृष्णा, गुलाम नबी आजाद, सुशील कुमार शिंदे, वीरप्पा मोइली, जयपाल रेड्डी, वायलर रवि, मीरा कुमार, मुरली देवडा, अंबिका सोनी, बीके हांदी, आनंद शर्मा, सीपी जोशी हैं।

इसी के साथ ही मंत्रिपरिषद के अगले विस्तार के लिए 26 मई की तारीख चर्चा में है। शुक्रवार को कांग्रेस के साथ संप्रग में शामिल घटक दलों में से केवल तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ही शपथ ग्रहण करेंगे। संप्रग में शामिल द्रमुक के साथ मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर कोई अंतिम राय नहीं बन पाई है, इसीलिए उसने फिलहाल सरकार में शामिल न होते हुए बाहर से समर्थन जारी रखने की घोषणा की है। उधर, जम्मू-कश्मीर की नेशनल कांफ्रेंस भी कांग्रेस से नाराज नजर आई।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक टीवी चैनल से कहा, बेहतर होता यदि कांग्रेस डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला क यह बता देती कि वे मंत्रिमंडल में शामिल होंगे या नहीं, मगर मनमोहनसिंह ने गुरूवार रात फारूक अब्दुल्ला से फोन पर बात की। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, कौन मंत्री बनेगा या नहीं, यह प्रधानमंत्री और संप्रग अघ्यक्ष को तय करना होता है। प्रधानमंत्री ने मुझसे बात की और बताया कि द्रमुक के साथ कुछ मतभेद है, जिन्हें वह पहले सुलझाना चाहते हैं।