
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने शुक्रवार को एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि बॉलीवुड अभिनेता शाइनी आहूजा के मामले की जांच फास्ट ट्रैक अदालत करेगी। इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की अघ्यक्ष गिरिजा व्यास ने शाइनी जैसे हाईप्रोफाइल मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत की जरूरत पर जोर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच चल रही है, और मेडिकल रिपोर्ट में भले ही दुष्कर्म की पुष्ठि हो गई है,लेकिन डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीडिता को आर्थिक सहायता उपलब्घ कराएगी और सुनिश्चित करेगी कि समाज में उसका पुनर्वास हो सके। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि पीडिता को कष्ट नही हो। इससे पहले गिरिजा व्यास ने शाइनी के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने वाली नौकरानी और उसके पिता संजय जोशी से मुलाकात की। आयोग ने पुलिस कमिश्नर और शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपमा से भी मुलाकात की।
व्यास ने भी राज्य सरकार से आग्रह किया था कि इस केस की जल्द सुनवाई के लिए इस पर फास्ट टैक कोर्ट में कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, अक्सर देखा गया है कि ऎसे मामले लंबे खिंचते है, और इसके चलते आरोपी और गवाहों को या तो प्रभावित करने की कोशिश की जाती है या फिर उन पर दबाव डाला जाता है। नौकरानी को ओशिवरा पुलिस ने अज्ञात जगह पर सुरक्षित रखा है ताकि इस हाई प्रोफाइल मामले को किसी भी प्रकार से प्रभावित न किया जा सके। पीडित नौकरानी इस वक्त न तो मुंबई में है और न ही वसई में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर। पुलिस ने रायगढ जिले के उसके परिजनों को भी कुछ दिनों के लिए अज्ञात स्थान पर रहने की सलाह दी है। नौकरानी के पिता संजय जोशी ने आशंका जताई है कि शाइनी का परिवार अपनी पहुंच के बल पर मेडिकल रिपोर्ट के साथ छेडछाड करा सकता है। बताया जा रहा है कि शाइनी आहूजा को जेल में बेरठ न. 1 में रखा गया है।