मुंबई हमलों के एकमात्र जिंदा पकडे गए पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब के इकबालिया बयान को टेलीविजन चैनलों को उपलब्ध कराने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ, इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने कार्रवाई करने को कहा है। पिछले वर्ष हुए इस हमले के दौरान कसाब की गिरफ्तारी के तुरंत बाद एक अस्पताल में पुलिस द्वारा दर्ज कसाब के इकबालिया बयान के 67 मिनट के वीडियो को टीवी चैनल टीवी9 ने पिछले सप्ताह प्रदर्शित किया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश एमएल ताहिलयानी ने गुरूवार को कहा कि संबंधित अधिकारी ने पुलिस द्वारा 27 नवंबर 2008 को दर्ज इकबालिया बयान की सीडी चैनलों को देकर चोरी की है और विश्वास भंग किया है।
बचाव पक्ष के वकील एसजी अब्बास काजमी ने न्यायालय से इकबालिया बयान को रिकार्ड में दर्ज करने का निर्देश देने के लिए बुधवार को आवेदन दिया था। न्यायाधीश ने पुलिस को इस पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। यद्यपि बयान न तो आरोप-पत्र और न ही साक्ष्य का हिस्सा है।
डवशेष सरकारी वकील उ”वल निकम ने कहा कि नैयर अस्पताल में पूछताछ के दौरान कसाब का इकबालिया बयान दर्ज हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस द्वारा दर्ज बयान पूछताछ और जांच का हिस्सा है और न्यायालय में स्वाकार्य नहीं है। ताहिलयानी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महत्व को घ्यान में रखते हुए मामला बहुत संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि यद्यपि जांच का हिस्सा न्यायालय के दायरे में नहीं आता है, फिर भी मैं पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेने की सलाह दूंगा।
जस्टिस ताहिलयानी ने कहा कि जांच के दौरान दर्ज बयान पुलिस की संपत्ति है, किसी एक व्यक्ति की नहीं। उसे पुलिस के पास होना चाहिए। यदि यह सीडी कुछ टीवी चैनलों को लीक हो जाती है, तब यह गंभीर मामला है। यह चोरी और विश्वास भंग का आपराधिक मामला है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के सामने तीन विकल्प हैं- या तो हम काजमी का आवेदन स्वीकार कर लें और बयान को रिकार्ड में ले लें या मामले का स्व-प्रसंज्ञान लेते हुए टीवी चैनल के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी करें अथवा इसे एक अपराध मानते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें।
कसाब का बयान टीवी पर दिखाने से जज नाराज
जुलाई 31, 2009 khaskhabar द्वारा