
अमेरिका यात्रा पर गई पाकिस्तान की सबसे युवा विदेश मंत्री हिना रब्बानी अमेरिका यात्रा बीच में छोडकर अपने वतन पाकिस्तान वापस नहीं आएंगी। अब वे मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण पढने के बाद ही स्वदेश लौटेंगी। इससे पहले हक्कानी गुट और आईएसआई के संबंधों को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में खटास आ गई थी।

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने कहा था कि अमेरिका या तो आलोचना बंद करे नहीं तो उसे कीमत चुकानी पडेगी। विवाद गहराने के बाद पाक प्रधानमंत्री युसूफ राजा गिलानी ने हिना रब्बानी को न्यूयार्क से वापस स्वदेश लौटने को कहा था। अमेरिका ने आरोप लगाए हैं कि हक्कानी गुट और आईएसआई का आपसी संबंध है। आईएसआई हक्कानी गुट की मदद करता है।

काबुल में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले में भी आईएसआई का हाथ है। जिसके कारण गिलानी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने गई हिना से तुरंत देश लौट आने को कहा।शाह महमूद कुरैशी को मंत्रिमंडल से बाहर करने के बाद हिना रब्बानी खार ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री पद की कुर्सी संभाली।

वह पाकिस्तानी की सबसे कम उम्र की और प्रथम महिला विदेश मंत्री हैं। भारत के साथ निर्णायक बातचीत से पहले उन्हें पदोन्नति देकर यह जिम्मेदारी सौंपी गई। विदेश मंत्री बनते ही सबसे पहले हिना रब्बानी ने भारत का दौरा किया। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की सलाह पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 34 साल की हिना को यह पदोन्नति दी।

इससे पहले वह विदेश राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री और हॉस्पिटैलिटी में मास्टर्स करने वाली 34 साल की खार को कार्यवाहक राष्ट्रपति फारूक एच नाइक ने पद और गोपीयनता की शपथ दिलाई थी। 34 साल की खार पाकिस्तान के इतिहास में सबसे युवा मंत्री होंगी। खार ने पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को भी पीछे छोड दिया है। भुट्टो जब प्रधानमंत्री बने थे तो वे 35 साल के थे।

हिना रब्बानी वरिष्ठ नेता मलिक गुलाम नूर रब्बानी खार की बेटी और पूर्व गर्वनर मलिक गुलाम मुस्तफा खार की भतीजी हैं। वह परवेज मुशर्रफ के सैन्य शासन के दौरान पीएमएल-क्यू की सदस्य थीं लेकिन 2008 आम चुनावों से पहले सत्तारूढ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी में शामिल हो गई थीं। हिना रब्बानी खार का जन्म 19 जनवरी 1977 को मुल्तान में हुआ था।